आयु गणना का शास्त्रीय आधार और आधुनिक विधि
भारतीय ज्योतिष परंपरा में समय-गणना को सदा विशेष स्थान मिला है। पंचांग में तिथि, वार, नक्षत्र और योग के साथ जन्म से अब तक बीते वर्षों की गिनती भी देखी जाती रही है। शास्त्रों के मते, आयु केवल एक संख्या नहीं, बल्कि जीवन-कालखंड को समझने का आधार है। आधुनिक कैलकुलेटर इसी परंपरा को सरल अंकगणित से जोड़ता है — जन्म तिथि और आज की तिथि के बीच के दिनों को वर्ष, महीने और दिनों में बाँटकर। ध्यान रहे, अंकशास्त्र में भी जन्म तिथि का विशेष महत्व माना जाता है।